सागर के कॉन्वेंट स्कूल में आधी रात हंगामा, धर्मांतरण के आरोप से गरमाया मामला
स्कूल परिसर में कार्यक्रम की सूचना के बाद पहुंचीं हिंदू संगठन
जानकारी के अनुसार, हिंदू संगठनों को सूचना मिली थी कि सागर के एक कॉन्वेंट स्कूल परिसर में ईसाई समुदाय का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। बताया गया कि परिसर में करीब 120 बेड लगाए गए थे और ओडिशा, झारखंड सहित कई राज्यों से लोग वहां पहुंचे थे।
बड़ी संख्या में लोगों के स्कूल परिसर में ठहरने की जानकारी सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाए। विश्व हिंदू परिषद समेत कई संगठनों के कार्यकर्ता स्कूल के बाहर पहुंचे और परिसर में चल रही गतिविधियों का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने आशंका जताई कि कार्यक्रम की आड़ में धर्मांतरण की गतिविधियां हो सकती हैं।
चार घंटे तक चला विरोध और नारेबाजी
स्कूल के बाहर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और कार्यक्रम को रोकने की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस को मौके पर बुलाया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दो थानों की पुलिस तैनात की गई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया और स्कूल परिसर से बाहर आकर अधिकारियों से बातचीत करने को कहा। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को भी मौके पर पहुंचना पड़ा।
बीना एसडीओपी, ब्लॉक अधिकारी और नायब तहसीलदार समेत कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान एक युवक के साथ मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई, हालांकि पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
स्कूल प्रबंधन ने धर्मांतरण के आरोपों को बताया गलत
स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर कैथरीन ने धर्मांतरण के आरोपों को खारिज किया। उनके मुताबिक, स्कूल परिसर में किसी तरह का धर्मांतरण नहीं हो रहा था। उन्होंने बताया कि वहां ईसाई समुदाय से जुड़ा धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
प्रिंसिपल के अनुसार, कार्यक्रम में तीन सिस्टर्स को ‘नन’ बनाने से जुड़ा धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था। इस कार्यक्रम में संबंधित सिस्टर्स के रिश्तेदार और परिजन भी शामिल होने के लिए अलग-अलग स्थानों से पहुंचे थे। इसी वजह से स्कूल परिसर में लोगों की संख्या अधिक थी और वहां ठहरने की व्यवस्था की गई थी।
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि कार्यक्रम को धर्मांतरण से जोड़ना सही नहीं है और वहां मौजूद लोगों का जमावड़ा धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने वाले परिजनों और समुदाय के लोगों का था।
आधार कार्ड को लेकर भी उठे सवाल
विरोध करने वाले संगठनों ने स्कूल परिसर में मौजूद कुछ लोगों की पहचान और उनके दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों का दावा था कि वहां मौजूद लोगों ने खुद को पहले से ईसाई धर्म मानने वाला बताया, लेकिन उनके आधार कार्ड में दर्ज नाम जनजातीय समुदाय से जुड़े लोगों की तरह दिखाई दे रहे थे।
इसी आधार पर प्रदर्शनकारियों ने धर्मांतरण की आशंका जताई। हालांकि, किसी व्यक्ति का नाम या जनजातीय पहचान अपने आप में धर्मांतरण का प्रमाण नहीं है। इस मामले में वास्तविक स्थिति क्या है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मामले से जुड़ी प्रमुख बातें
- सागर के कॉन्वेंट स्कूल में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुआ।
- हिंदू संगठनों ने धर्मांतरण की आशंका जताई।
- विरोध के दौरान करीब चार घंटे तक हंगामा हुआ।
- मौके पर दो थानों की पुलिस तैनात की गई।
- स्कूल प्रबंधन ने धर्मांतरण के आरोपों से इनकार किया।
- पुलिस के मुताबिक फिलहाल धर्मांतरण की पुष्टि नहीं हुई है।
- पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम जांच कर रही है।
- फिलहाल मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त जांच
विवाद के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के साथ शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम भी स्कूल परिसर में हुई गतिविधियों और कार्यक्रम की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों की ओर से कार्यक्रम में शामिल लोगों, स्कूल प्रबंधन और उपलब्ध दस्तावेजों के बारे में जानकारी ली जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, अभी तक धर्मांतरण की पुष्टि नहीं हुई है और मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
सागर का यह मामला अब प्रशासनिक जांच के केंद्र में है। एक ओर हिंदू संगठन इसे धर्मांतरण की आशंका से जोड़कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं स्कूल प्रबंधन इसे सामान्य धार्मिक कार्यक्रम बता रहा है। पुलिस ने भी फिलहाल धर्मांतरण से इनकार किया है।
ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच और तथ्यों का सामने आना जरूरी है। प्रशासन की संयुक्त टीम की रिपोर्ट यह स्पष्ट कर सकती है कि स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम का वास्तविक स्वरूप क्या था और क्या वहां किसी तरह की गैरकानूनी गतिविधि हुई थी।
फिलहाल सागर में हुए इस विवाद के बाद सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है। यदि जांच में कोई नियम उल्लंघन या गैरकानूनी गतिविधि सामने आती है तो प्रशासन कार्रवाई कर सकता है। वहीं यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो मामले को लेकर फैली आशंकाओं पर भी स्थिति साफ हो जाएगी।
