मथुरा-वृंदावन को मिलेगी जाम से राहत
श्रीकृष्ण जन्मस्थान तक बनेगी 3.5 किमी लंबी एलिवेटेड रोड
अवस्थापना विकास के तहत प्रस्तावित इस परियोजना के साथ बस पार्किंग, संपर्क मार्ग और शहर के प्रमुख चौराहों के सुधार का कार्य भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष इन विकास योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया गया। परियोजना के पूरा होने के बाद मथुरा शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
खासकर श्रीकृष्ण जन्मस्थान की ओर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को लंबे जाम से राहत मिल सकती है।
बढ़ते श्रद्धालुओं के कारण बढ़ा ट्रैफिक दबाव
मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि और वृंदावन प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्र है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और धार्मिक पर्यटन के लिए पहुंचते हैं। जन्माष्टमी, होली, दीपावली, सावन, कार्तिक मास और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।
इस बढ़ते यातायात का सीधा असर शहर की सड़कों पर दिखाई देता है। मछली फाटक से श्रीकृष्ण जन्मस्थान की ओर जाने वाले मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बना रहता है। रेलवे अंडरपास और दोनों ओर पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण मौजूदा सड़क को चौड़ा करना भी आसान नहीं है।
“एलिवेटेड रोड बनने के बाद मछली फाटक से श्रीकृष्ण जन्मस्थान तक यात्रा का समय 30-40 मिनट से घटकर लगभग 5-7 मिनट होने का लक्ष्य है।”
3.50 किलोमीटर की दूरी होगी आसान
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड मछली फाटक से श्रीकृष्ण जन्मस्थान के गेट संख्या तीन तक बनाई जाएगी। इसकी लंबाई करीब 3.50 किलोमीटर होगी।
वर्तमान में इस दूरी को तय करने में सामान्य परिस्थितियों में भी करीब 30 से 40 मिनट लग जाते हैं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर यातायात का दबाव बढ़ने से यह समय और अधिक हो जाता है। एलिवेटेड रोड बनने के बाद यही दूरी करीब 5 से 7 मिनट में तय किए जाने का लक्ष्य है।
इससे न केवल श्रद्धालुओं का समय बचेगा, बल्कि मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।
350 करोड़ रुपये होंगे खर्च
एलिवेटेड रोड के निर्माण पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। परियोजना को आधुनिक यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा।
एलिवेटेड रोड का मुख्य उद्देश्य
- मछली फाटक से श्रीकृष्ण जन्मस्थान तक तेज कनेक्टिविटी
- मुख्य सड़क पर यातायात का दबाव कम करना
- श्रद्धालुओं के यात्रा समय में कमी
- स्थानीय यातायात को अधिक व्यवस्थित करना
- मथुरा के धार्मिक पर्यटन को बेहतर आधारभूत सुविधा देना
17 चौराहों और तिराहों का होगा सुधार
एलिवेटेड रोड के अलावा मथुरा महानगर के 17 प्रमुख तिराहों और चौराहों का जंक्शन इम्प्रूवमेंट भी किया जाएगा। इस काम पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
- चौराहों की संरचना में आवश्यक सुधार
- यातायात सुरक्षा के लिए ग्रिल की व्यवस्था
- जरूरत के अनुसार स्पीड ब्रेकर
- वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने की व्यवस्था
- पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
महाविद्या कॉलोनी में बनेगी बस पार्किंग
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के आसपास बसों और बड़े वाहनों के कारण यातायात पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए महाविद्या कॉलोनी में करीब चार एकड़ भूमि पर बसों के लिए ओपन पार्किंग विकसित की जाएगी।
पार्किंग तक वाहनों की आसान पहुंच के लिए 12.50 मीटर चौड़ा दो लेन लिंक मार्ग बनाया जाएगा। इसके अलावा श्रीकृष्ण जन्मभूमि की ओर जाने वाले मार्ग को जोड़ने के लिए 30 फीट चौड़ी सड़क भी विकसित की जाएगी।
संपर्क मार्ग और पैदल सुविधा
- 12.50 मीटर चौड़ा दो लेन लिंक मार्ग
- 30 फीट चौड़ा संपर्क मार्ग
- 7.50-7.50 मीटर चौड़े दो कैरिज-वे
- दोनों ओर 2-2 मीटर चौड़े फुटपाथ
- स्थानीय निवासियों के लिए बेहतर आवागमन सुविधा
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मथुरा-वृंदावन में बेहतर यातायात व्यवस्था का सीधा लाभ धार्मिक पर्यटन को भी मिल सकता है। जाम कम होने और पार्किंग की बेहतर सुविधा मिलने से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
इसके साथ स्थानीय होटल, रेस्तरां, परिवहन, दुकान और अन्य छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलने की संभावना है। बेहतर आधारभूत ढांचा शहर की पर्यटन क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
470 करोड़ रुपये की व्यापक योजना
एलिवेटेड रोड, चौराहों के सुधार, पार्किंग और संपर्क मार्गों को मिलाकर प्रस्तावित विकास कार्यों पर कुल मिलाकर करीब 470 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इन परियोजनाओं को तैयार किया है। मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण के बाद अब परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
शहर की यातायात व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद
मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आने वाले वर्षों में यातायात व्यवस्था को मजबूत करना बड़ी चुनौती है। ऐसे में एलिवेटेड रोड और उससे जुड़ी परियोजनाएं शहर के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।
यदि परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार पूरी होती है तो मछली फाटक से श्रीकृष्ण जन्मस्थान तक यात्रा का समय काफी कम हो सकता है। साथ ही पार्किंग और संपर्क मार्ग विकसित होने से जन्मस्थान क्षेत्र में वाहनों की अव्यवस्थित आवाजाही पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर 3.50 किलोमीटर की एलिवेटेड रोड और करीब 470 करोड़ रुपये के विकास कार्य मथुरा-वृंदावन की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं।
आने वाले समय में यह परियोजना श्रद्धालुओं के लिए सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन और स्थानीय विकास को भी गति देने वाली साबित हो सकती है। मथुरा की बढ़ती यातायात जरूरतों को देखते हुए यह परियोजना शहर के आधारभूत ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
