काली नंद गिरी कौन हैं? जलती चिता के वायरल वीडियो से फिर विवादों में आईं 'लेडी अघोरी'
खास खबर

काली नंद गिरी कौन हैं? जलती चिता के वायरल वीडियो से फिर विवादों में आईं 'लेडी अघोरी'

उज्जैन के वायरल वीडियो के बाद पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत के बीच काली नंद गिरी से जुड़े पुराने विवाद भी फिर चर्चा में आ गए हैं।

उज्जैन मामला: सोशल मीडिया पर धार्मिक साधना और अघोरी परंपरा से जुड़े वीडियो के कारण चर्चा में रहने वाली काली नंद गिरी एक बार फिर विवादों में हैं। वायरल वीडियो को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है और अदालत ने 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

सोशल मीडिया पर धार्मिक साधना और अघोरी परंपरा से जुड़े वीडियो के कारण चर्चा में रहने वाली काली नंद गिरी एक बार फिर विवादों में हैं। उज्जैन में सामने आए एक वायरल वीडियो को लेकर पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है।

वीडियो में वह कथित तौर पर जलती चिता के पास नजर आती हैं और चिता से शव के कथित टुकड़े निकालकर खाने का दावा करती दिखाई देती हैं। वीडियो वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और पुलिस तक शिकायत पहुंची।

महत्वपूर्ण: इस लेख में उल्लेखित कई बातें शिकायत, मीडिया रिपोर्ट और आरोपों पर आधारित हैं। किसी भी आरोप को अंतिम सत्य नहीं माना जाना चाहिए। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

सोशल मीडिया से मिली 'लेडी अघोरी' की पहचान

काली नंद गिरी को सोशल मीडिया पर 'लेडी अघोरी' के नाम से पहचान मिली। मंदिरों, धार्मिक स्थलों, साधना और सनातन धर्म से संबंधित उनके वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल होते रहे हैं।

उनके कंटेंट में अघोरी साधना और श्मशान से जुड़ी गतिविधियों को प्रमुखता से दिखाया जाता रहा है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर उनकी अलग पहचान बनी और बड़ी संख्या में लोग उनके वीडियो देखने लगे।

पहचान को लेकर क्या दावा किया गया?

श्मशान में रहने वाले तांत्रिक विष्णुनाथ महाराज ने दावा किया है कि काली नंद गिरी की पुरानी पहचान अल्लूरी श्रीनिवास के नाम से थी। उनके अनुसार, बाद में जेंडर रीअसाइनमेंट सर्जरी के बाद उन्होंने किन्नर के रूप में अपनी पहचान बनाई और काली नंद गिरी के नाम से सामने आईं।

हालांकि, पहचान और जेंडर से संबंधित इन दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। इसलिए इन्हें फिलहाल आरोप या मीडिया रिपोर्ट में सामने आए दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

वर्षिणी से शादी का विवाद

काली नंद गिरी का नाम वर्ष 2025 में वर्षिणी नाम की युवती के साथ शादी से जुड़े मामले में भी सामने आया था। सोशल मीडिया पर शादी के वीडियो और तस्वीरें वायरल हुई थीं।

रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों ने मध्य प्रदेश के एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी। वायरल सामग्री में वरमाला, मंगलसूत्र और सात फेरे जैसी रस्में दिखाई देने की बात कही गई थी।

हालांकि, शादी के बाद वर्षिणी ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि वह इस रिश्ते के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थीं और उन पर शादी का दबाव बनाया गया। उन्होंने धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया था।

वर्षिणी के अनुसार, वह शुरुआत में आध्यात्मिक ज्ञान और अघोरी साधना के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए काली नंद गिरी के संपर्क में आई थीं। बाद में उन्हें कुछ बातों पर संदेह हुआ और मामला पुलिस शिकायत तक पहुंचने की बात सामने आई।

दूसरी युवती ने भी लगाया शादी का आरोप

अप्रैल 2025 की कुछ मीडिया रिपोर्टों में एक दूसरी युवती के दावे का भी उल्लेख हुआ था। युवती ने कथित तौर पर कहा था कि उसने 1 जनवरी को अल्लूरी श्रीनिवास से शादी की थी।

उसका आरोप था कि शादी के लगभग 12 दिन बाद ही श्रीनिवास ने वर्षिणी से भी शादी कर ली। इस दावे के बाद काली नंद गिरी की पुरानी पहचान और निजी जीवन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई।

हालांकि, इन आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित जांच और अदालत के रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकती है।

10 लाख रुपये लेने का भी आरोप

काली नंद गिरी उर्फ अल्लूरी श्रीनिवास पर तेलंगाना में कथित ठगी का आरोप भी सामने आया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक महिला फिल्म निर्माता ने पुलिस से शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि परिवार को बुरी शक्तियों से बचाने और तांत्रिक अनुष्ठान करने के नाम पर उनसे करीब 10 लाख रुपये लिए गए।

महिला ने कथित तौर पर पैसे वापस मांगने पर धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया था। रिपोर्टों में कहा गया कि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज की मदद से काली नंद गिरी को ट्रेस किया और अप्रैल 2025 में उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया।

मामले से जुड़े प्रमुख बिंदु
  • काली नंद गिरी सोशल मीडिया पर 'लेडी अघोरी' के नाम से चर्चित हुईं।
  • उनके वीडियो में धार्मिक साधना और श्मशान से जुड़ी गतिविधियां दिखाई देती रही हैं।
  • वर्ष 2025 में शादी से जुड़े विवादों की मीडिया रिपोर्टें सामने आई थीं।
  • तेलंगाना में तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर पैसे लेने का आरोप भी सामने आया था।
  • उज्जैन के वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने नया मामला दर्ज किया।
  • अदालत ने उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।

मेडिकल जांच को लेकर भी उठे सवाल

पिछली गिरफ्तारी के बाद काली नंद गिरी की मेडिकल जांच को लेकर भी कुछ रिपोर्टें सामने आई थीं। इनमें सरकारी अस्पताल में हुई जांच के हवाले से उनके पुराने नाम और कथित जेंडर रीअसाइनमेंट सर्जरी से संबंधित दावे किए गए।

हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए आधिकारिक मेडिकल रिकॉर्ड का सार्वजनिक होना जरूरी है। इसलिए ऐसी जानकारियों को बिना प्रमाण के अंतिम तथ्य मानना उचित नहीं होगा।

जलती चिता के वीडियो ने फिर बढ़ाया विवाद

अब उज्जैन से सामने आए वीडियो ने काली नंद गिरी को फिर सुर्खियों में ला दिया है। वायरल वीडियो में वह कथित तौर पर जलती चिता के पास दिखाई देती हैं। उनके हाथ में तलवार नजर आती है और वीडियो में वह चिता से शव के कथित टुकड़े निकालकर खाने का दावा करती दिखाई देती हैं।

बताया जा रहा है कि यह वीडियो उनके सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर किया गया था। वायरल होने के बाद इसे कथित तौर पर अकाउंट से हटा दिया गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने आपत्ति जताई और पुलिस से कार्रवाई की मांग की।

वायरल वीडियो से जुड़े दावों की वास्तविकता और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस ने दर्ज की FIR

जीवाजीगंज थाना सीएसपी पुष्पा प्रजापति के मुताबिक, वीडियो सामने आने के बाद श्मशान में रहने वाले तांत्रिक विष्णुनाथ महाराज ने पुलिस से शिकायत की।

शिकायत में शव के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 301 के तहत मामला दर्ज किया।

इसके बाद काली नंद गिरी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

श्मशान में प्रवेश पर रोक की मांग

गिरफ्तारी के बाद शिकायतकर्ता विष्णुनाथ महाराज ने काली नंद गिरी के श्मशान में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है।

उनका कहना है कि श्मशान अंतिम संस्कार और साधना का स्थान है और वहां इस तरह के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से वहां की व्यवस्था और माहौल प्रभावित होता है।

आगे क्या होगा?

फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। वायरल वीडियो में किए गए दावों की वास्तविकता, आरोपों की पुष्टि और पूरे घटनाक्रम की कानूनी स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री को तुरंत अंतिम सत्य मानने के बजाय आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड, जांच और अदालत के फैसले का इंतजार करना जरूरी है। यही तरीका किसी भी संवेदनशील मामले को जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ समझने में मदद करता है।

2025

शादी से जुड़े विवाद

काली नंद गिरी और वर्षिणी से जुड़े शादी के वीडियो और आरोप सोशल मीडिया पर चर्चा में आए।

अप्रैल 2025

तांत्रिक अनुष्ठान से जुड़ा आरोप

तेलंगाना में तांत्रिक अनुष्ठान के नाम पर पैसे लेने से संबंधित शिकायत की रिपोर्ट सामने आई।

हालिया मामला

उज्जैन का वायरल वीडियो

जलती चिता के पास कथित गतिविधियों वाले वीडियो के बाद पुलिस शिकायत और FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई।

अदालती कार्रवाई

15 दिन की न्यायिक हिरासत

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद अदालत ने काली नंद गिरी को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।