प्रेमानंद का आश्रम विवादों में
15 अगस्त को घर से निकली थी युक्ति
नोएडा निवासी परिवार के मुताबिक, 35 वर्षीय युक्ति 15 अगस्त 2026 को घर से यह बताकर निकली थी कि वह वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए जा रही है। परिवार का कहना है कि इसके बाद युक्ति घर वापस नहीं लौटी और परिवार से उसका संपर्क भी नहीं हो पाया।
परिवार के अनुसार, युक्ति पहले भी कभी-कभी बिना बताए घर से चली जाती थी और बाद में वापस लौट आती थी। लेकिन इस बार कई सप्ताह बीत जाने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद परिवार की चिंता बढ़ गई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
बेटी की तलाश में परिवार वृंदावन पहुंचा और केली कुंज आश्रम के आसपास जानकारी लेने की कोशिश की। परिवार का कहना है कि युक्ति प्रेमानंद महाराज की भक्त थी, इसलिए उन्हें आशंका है कि वह वृंदावन या आश्रम के आसपास हो सकती है।
महत्वपूर्ण तथ्य
- परिवार के अनुसार युक्ति 15 अगस्त को घर से निकली थी।
- वह वृंदावन जाने की बात कहकर घर से निकली थी।
- काफी समय बीतने के बाद भी परिवार से उसका संपर्क नहीं हुआ।
- आश्रम में उसके मौजूद होने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
16 साल के अनुज चौधरी का मामला भी गंभीर
दूसरी ओर हाथरस के बारामई खेड़ा गांव के रहने वाले 16 वर्षीय अनुज चौधरी के लापता होने का मामला भी सामने आया है। परिवार के मुताबिक अनुज करीब तीन महीने से घर नहीं लौटा है।
अनुज के पिता राजवीर सिंह किसान हैं। परिवार का कहना है कि चार बेटियों के बीच अनुज उनका इकलौता बेटा है और वह इंटर की पढ़ाई कर रहा था।
परिवार के मुताबिक, वृंदावन के पास पानीगांव में अनुज का ननिहाल है। इसी दौरान उसका वृंदावन आना-जाना हुआ और वह प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए केली कुंज आश्रम जाने लगा।
परिवार का दावा है कि करीब तीन महीने पहले अनुज ने महाराज से दीक्षा ली थी। कुछ समय घर पर रहने के बाद वह दोबारा दर्शन के लिए निकला और फिर वापस नहीं लौटा।
परिवार की सबसे बड़ी मांग यही है कि उनके बेटे का पता लगाया जाए और यदि वह कहीं सुरक्षित है तो उसे परिवार से मिलवाया जाए।
घर से निकलते समय साथ ले गया था सामान
अनुज के परिवार के अनुसार, घर से निकलते समय वह कंठी-माला और तीन धार्मिक किताबें अपने साथ ले गया था। इसके बाद से परिवार को उसकी कोई जानकारी नहीं मिली।
परिवार का कहना है कि उन्होंने संबंधित पुलिस थानों में शिकायत की और अनुज की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए। परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता उसकी सुरक्षा को लेकर है, क्योंकि उसकी उम्र केवल 16 वर्ष बताई जा रही है।
परिवार ने आश्रम में जानकारी मांगने की कोशिश की
अनुज के परिजनों ने आश्रम पहुंचकर उसके बारे में जानकारी लेने की कोशिश की। परिवार का आरोप है कि उन्हें अनुज के संबंध में पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई।
उसकी दादी मुन्नी ने कथित तौर पर आश्रम के कैमरों की रिकॉर्डिंग देखने की मांग भी की। परिवार के अनुसार, उन्हें बताया गया कि अनुज साधना में है और वापस आ जाएगा। लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों की चिंता और बढ़ गई।
पुलिस ने आश्रम पहुंचकर जुटाई जानकारी
परिवार के धरने और शिकायत के बाद वृंदावन पुलिस भी आश्रम पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और अनुज से संबंधित जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
पुलिस टीम ने आश्रम के अंदर जाकर उपलब्ध रिकॉर्ड और जानकारी की पड़ताल की। आश्रम की ओर से भी बताया गया कि अनुज की तस्वीर सेवादारों के समूह में भेजकर उसके बारे में जानकारी जुटाई गई थी।
आश्रम की ओर से परिवार की हर संभव मदद करने की बात भी कही गई है। हालांकि, परिवार इस जवाब से पूरी तरह संतुष्ट नहीं बताया गया।
आश्रम को लेकर सवाल, लेकिन निष्कर्ष अभी बाकी
दोनों मामलों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया और लोगों के बीच कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। लेकिन किसी भी लापता व्यक्ति के मामले में आरोप और प्रमाण के बीच अंतर समझना बेहद जरूरी है।
युक्ति के मामले में अभी यह आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है कि वह आश्रम में गई थी या वहां मौजूद थी। इसी तरह अनुज के मामले में भी पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या संस्था की भूमिका तय नहीं की जा सकती।
अभी क्या स्पष्ट है?
- दोनों परिवार अपने-अपने परिजन की तलाश कर रहे हैं।
- अनुज के मामले में पुलिस स्तर पर जांच की जानकारी सामने आई है।
- युक्ति के आश्रम में होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
- आश्रम की भूमिका को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
- जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
लापता लोगों की तलाश सबसे अहम
परिवारों की शिकायतें गंभीर हैं और लापता लोगों का पता लगाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। खासकर अनुज की उम्र केवल 16 वर्ष बताई जा रही है, इसलिए उसके मामले में जांच और भी संवेदनशील हो जाती है।
जांच एजेंसियों के लिए परिवार से मिली जानकारी, आखिरी लोकेशन, मोबाइल से जुड़े उपलब्ध रिकॉर्ड और संबंधित स्थानों की जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है। इसके अलावा जिन लोगों से लापता होने से पहले संपर्क हुआ था, उनसे पूछताछ भी जांच का हिस्सा हो सकती है।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल दोनों मामलों में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि लापता महिला और किशोर का वास्तविक ठिकाना क्या है। पुलिस को परिवारों से मिली जानकारी और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर जांच आगे बढ़ानी होगी।
अनुज के मामले में आश्रम से जुड़े रिकॉर्ड और परिवार द्वारा लगाए गए आरोप भी जांच का हिस्सा हो सकते हैं। वहीं युक्ति के मामले में पुलिस को यह पता लगाना होगा कि 15 अगस्त को घर से निकलने के बाद वह कहां-कहां गई।
फिलहाल यह कहना उचित नहीं होगा कि दोनों मामलों का आपस में कोई संबंध है या आश्रम की कोई भूमिका साबित हो चुकी है। जब तक पुलिस की जांच से ठोस तथ्य सामने नहीं आते, तब तक किसी भी आरोप को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।
परिवारों की सबसे बड़ी मांग यही है कि उनके अपनों का पता लगाया जाए। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है कि इन दोनों मामलों में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं।
35 वर्षीय महिला
16 वर्षीय किशोर
पुलिस जांच जारी
जरूरी सावधानी
किसी व्यक्ति या संस्था पर केवल आरोपों के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। जांच पूरी होने और आधिकारिक तथ्यों के सामने आने का इंतजार करना जरूरी है।
मुख्य बिंदु
- युक्ति 15 अगस्त को घर से निकली थी।
- परिवार के अनुसार वह वृंदावन जाने वाली थी।
- अनुज करीब तीन महीने से लापता बताया जा रहा है।
- अनुज की उम्र 16 वर्ष बताई गई है।
- परिवार ने पुलिस से मदद की मांग की है।
- मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद स्पष्ट होगी।
