कसमार में श्रद्धालुओं की राह होगी आसान

कसमार में श्रद्धालुओं की राह होगी आसान

कसमार में श्रद्धालुओं की राह होगी आसान, बाबा बड़राव-बड़ पहाड़ पर ग्रामीण बनाएंगे सीढ़ियां
बोकारो | धार्मिक समाचार

कसमार में श्रद्धालुओं की राह होगी आसान, बाबा बड़राव-बड़ पहाड़ पर ग्रामीण बनाएंगे सीढ़ियां

दुर्गापुर स्थित बाबा बड़राव-बड़ पहाड़ यानी दुर्गा पहाड़ी पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ग्रामीण अब श्रमदान से सीढ़ियों का निर्माण करेंगे। चार साल से अधूरे पड़े इस प्रयास को अब सामूहिक सहयोग से पूरा करने की तैयारी है।

बोकारो जिले के कसमार प्रखंड क्षेत्र के दुर्गापुर स्थित बाबा बड़राव-बड़ पहाड़, जिसे दुर्गा पहाड़ी के नाम से भी जाना जाता है, आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक हो सकता है। पहाड़ पर चढ़ने में होने वाली परेशानी को देखते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने अब खुद आगे बढ़कर सीढ़ियों के निर्माण का निर्णय लिया है।

इस पहल की खास बात यह है कि ग्रामीण इस काम को केवल किसी बाहरी सहायता के भरोसे नहीं छोड़ना चाहते, बल्कि स्वयं श्रमदान के माध्यम से निर्माण कार्य में भागीदारी करेंगे। इसके लिए ग्रामीणों ने एक समिति का गठन किया है, जो सीढ़ी निर्माण के साथ-साथ धार्मिक स्थल की अन्य व्यवस्थाओं को भी व्यवस्थित करने का काम करेगी।

मुख्य पहल: बाबा बड़राव-बड़ पहाड़ पर सीढ़ी निर्माण के लिए ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से श्रमदान करने का निर्णय लिया है। इससे पहाड़ पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को चढ़ाई के दौरान होने वाली परेशानी कम होने की उम्मीद है।

बैठक में लिया गया सीढ़ी निर्माण का फैसला

बाबा बड़राव-बड़ पहाड़ परिसर में सोमवार को ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुखिया अमरेश कुमार महतो ने की। बैठक में पहाड़ पर सीढ़ी निर्माण के साथ-साथ धार्मिक स्थल की अन्य व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

ग्रामीणों ने माना कि बाबा बड़राव-बड़ पहाड़ क्षेत्र में धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों की बड़ी संख्या में आवाजाही होती है। समय-समय पर यहां मेला और धार्मिक आयोजन भी होते हैं। ऐसे में पहाड़ पर व्यवस्थित सीढ़ियां नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं, बुजुर्गों और महिलाओं को चढ़ाई करने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है।

बाबा बड़राव-बड़ पहाड़ परिसर की तस्वीर
बाबा बड़राव-बड़ पहाड़ परिसर में ग्रामीणों की पहल से सीढ़ी निर्माण की तैयारी

बैठक में सभी ने मिलकर तय किया कि अब इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण स्तर पर पहल की जाएगी और श्रमदान के माध्यम से सीढ़ियों का निर्माण कराया जाएगा। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सामूहिक सहयोग से यह काम जल्द आगे बढ़ेगा।

'जोहार बाबा बड़राव-बड़ पहाड़ सेवा-सुसार समिति' का गठन

सीढ़ी निर्माण और धार्मिक स्थल की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए ग्रामीणों ने समिति का गठन किया है। समिति का नाम 'जोहार बाबा बड़राव-बड़ पहाड़ सेवा-सुसार समिति, दुर्गापुर' रखा गया है।

समिति के माध्यम से निर्माण कार्य की निगरानी, ग्रामीणों के सहयोग को व्यवस्थित करना और धार्मिक स्थल से जुड़ी अन्य गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना है।

समिति में दी गई प्रमुख जिम्मेदारियां
अमरेश कुमार महतो अध्यक्ष
बोधन राम मांझी सचिव
पंचानन महतो कोषाध्यक्ष
कपिल महतो उपाध्यक्ष
संदीप कुमार महतो सदस्य एवं जनसूचना/सोशल मीडिया
बिनीता देवी, संजू देवी, रंजू देवी, पबिता देवी और रबिता देवी सदस्य

चार साल पहले भी हुई थी पहल

बाबा बड़राव-बड़ पहाड़ पर सीढ़ियों का निर्माण कराने की योजना कोई नई नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार करीब चार वर्ष पहले भी इस दिशा में प्रयास शुरू किया गया था। उस समय ग्रामीणों ने अपने स्तर पर सीढ़ी बनाने की पहल की थी, लेकिन विभिन्न कारणों से काम आगे नहीं बढ़ सका।

अब एक बार फिर ग्रामीणों ने इस अधूरे प्रयास को पूरा करने का संकल्प लिया है। इस बार श्रमदान को आधार बनाकर निर्माण कार्य आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई है।

“बाबा बड़राव-बड़ पहाड़ पर सीढ़ी निर्माण का सपना चार साल पहले देखा गया था। अब ग्रामीणों के सहयोग से इसे पूरा करने का प्रयास किया जाएगा और श्रमदान को लेकर ग्रामीणों में उत्साह है।”

श्रमदान से पूरा होगा धार्मिक स्थल का विकास

इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्रामीण स्वयं इस काम में भागीदारी करने के लिए तैयार हैं। श्रमदान के माध्यम से निर्माण कार्य करने से स्थानीय लोगों की धार्मिक स्थल के प्रति सहभागिता भी बढ़ेगी।

ग्रामीणों का मानना है कि किसी धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल का विकास केवल सरकारी स्तर पर होने वाली योजनाओं से ही नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की सहभागिता से भी संभव है। यदि ग्रामीण लगातार सहयोग करते हैं तो आने वाले समय में पहाड़ी पर श्रद्धालुओं के लिए अन्य सुविधाओं को भी विकसित किया जा सकता है।

श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत

सीढ़ियों के निर्माण से विशेष रूप से बुजुर्ग श्रद्धालुओं, महिलाओं और बच्चों को पहाड़ी पर आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। धार्मिक आयोजनों और मेलों के दौरान जब श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती है, तब व्यवस्थित रास्ते की जरूरत और अधिक महसूस होती है।

ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखता है बाबा बड़राव-बड़ पहाड़

दुर्गापुर स्थित बाबा बड़राव-बड़ पहाड़ स्थानीय लोगों की आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। धार्मिक आयोजनों और मेलों के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे समय में पहाड़ी तक पहुंचने का रास्ता सुविधाजनक होना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

ग्रामीणों के अनुसार इस स्थान को धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर के रूप में भी देखा जाता है। इसलिए यहां बुनियादी सुविधाओं का विकास श्रद्धालुओं के साथ-साथ आने वाले अन्य लोगों के लिए भी उपयोगी होगा।

दुर्गापूजा की तैयारियों पर भी हुई चर्चा

बैठक में केवल सीढ़ी निर्माण ही नहीं, बल्कि आगामी दुर्गापूजा को लेकर भी चर्चा की गई। ग्रामीणों ने पूजा और आयोजन को बेहतर ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक तैयारियों पर विचार-विमर्श किया।

बैठक में भीम प्रसाद महतो, शृष्टिधर महतो, सनातन महतो, नरेंद्र महतो, हेमंती देवी, यशोमती देवी, रेवती देवी, लालकिशोर महतो, परमेश्वर महतो, रिखिलाल महतो, संतोष महतो, अमीरुणा बीबी, कजरू सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

सामूहिक प्रयास से बदल सकती है तस्वीर

बाबा बड़राव-बड़ पहाड़ पर सीढ़ियों का निर्माण सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सामूहिक भागीदारी का उदाहरण भी बन सकता है। यदि श्रमदान के जरिए यह योजना सफल होती है तो भविष्य में क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी स्थानीय स्तर पर ऐसे प्रयासों को प्रेरणा मिल सकती है।

फिलहाल ग्रामीणों के सामने चुनौती इस योजना को जमीन पर पूरा करने की है। चार साल से अधूरा पड़ा सपना अब फिर से लोगों की उम्मीदों के केंद्र में है। ग्रामीणों का उत्साह और सामूहिक सहयोग बना रहा तो बाबा बड़राव-बड़ पहाड़ की चढ़ाई जल्द ही श्रद्धालुओं के लिए पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो सकती है।

बाबा बड़राव-बड़ पहाड़ पर सीढ़ियों का निर्माण स्थानीय ग्रामीणों की सामूहिक पहल है। श्रमदान के जरिए होने वाला यह प्रयास धार्मिक स्थल तक पहुंच को आसान बनाने के साथ-साथ स्थानीय सहभागिता और सामाजिक सहयोग की भावना को भी मजबूत कर सकता है।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *