गंगा मेले में बृज की होली और गजल गायन
गंगा मेले में बृज की होली और गजल गायन बिखेरेंगे छटा
5.64 करोड़ रुपये से होगा भव्य आयोजन, श्रद्धालुओं के लिए स्विस कॉटेज से लेकर वाटरप्रूफ टेंट तक की तैयारी
गढ़मुक्तेश्वर में कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले को इस बार मिनी कुंभ की तर्ज पर भव्य बनाने की तैयारी तेज हो गई है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं से लेकर मनोरंजन तक कई खास व्यवस्थाएं की जा रही हैं। जिला पंचायत मेले की तैयारियों पर 5 करोड़ 64 लाख रुपये से अधिक खर्च करने की योजना बना रही है।
हर साल गढ़मुक्तेश्वर में गंगा किनारे स्थित खादर क्षेत्र में कार्तिक मास के दौरान दस दिवसीय गंगा स्नान मेले का आयोजन होता है। इस बार मेला 14 नवंबर से शुरू होने की तैयारी है। 18 नवंबर से मेले में गतिविधियां और अधिक बढ़ने की उम्मीद है, जबकि मुख्य गंगा स्नान 23 और 24 नवंबर को रहेगा।
मुख्य स्नान के दिनों में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए जिला पंचायत और संबंधित विभागों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मेला क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ यातायात, पार्किंग, सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
5.64 करोड़ रुपये से विकसित होंगी सुविधाएं
इस बार मेले की व्यवस्थाओं पर 5 करोड़ 64 लाख रुपये से अधिक खर्च किए जाने की योजना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह राशि पिछले साल की तुलना में करीब 10 प्रतिशत अधिक है। बढ़े हुए बजट के जरिए श्रद्धालुओं को पहले से बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास किया जाएगा।
- गंगा किनारे स्विस कॉटेज
- वाटरप्रूफ टेंट
- चेंजिंग रूम
- जनरल टॉयलेट
- सेक्टरवार फेसिंग
- मचान की व्यवस्था
- मोबाइल टावर
- आपातकालीन निकास द्वार
- पांच एयर बैलून
- बेहतर पार्किंग व्यवस्था
- पब्लिक एड्रेस सिस्टम
- खोया-पाया केंद्र
मेला क्षेत्र में विभिन्न सेक्टरों तक जाने वाले मार्गों को भी दुरुस्त कराया जाएगा। श्रद्धालुओं को एक सेक्टर से दूसरे सेक्टर में जाने में परेशानी न हो, इसके लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम को सक्रिय रखा जाएगा।
प्रत्येक प्रमुख क्षेत्र के आसपास लाउडस्पीकर और खोया-पाया केंद्र की व्यवस्था रहेगी। भीड़ के दौरान जरूरी घोषणाएं करने और श्रद्धालुओं तक महत्वपूर्ण सूचनाएं पहुंचाने में यह व्यवस्था उपयोगी होगी।
खोया-पाया केंद्र और पार्किंग पर विशेष जोर
गंगा मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में परिवार के सदस्यों के बिछड़ने या रास्ता तलाशने जैसी स्थिति से निपटने के लिए खोया-पाया केंद्रों की व्यवस्था की जाएगी। मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर और सार्वजनिक घोषणा प्रणाली भी सक्रिय रखी जाएगी।
वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था को भी मजबूत बनाने की योजना है। अलग-अलग क्षेत्रों में वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा कराने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे।
बृज की होली और गजल गायन होंगे खास आकर्षण
🎭 पांच दिन तक चलेगा सांस्कृतिक रंग
मेले में इस बार धार्मिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रहेगी। जिला पंचायत द्वारा मेला क्षेत्र में भव्य सांस्कृतिक मंच तैयार कराने की योजना है। श्रद्धालुओं के बैठने के लिए कुर्सियों के साथ सोफा सेट की व्यवस्था भी की जाएगी।
बृज की होली के रंगारंग कार्यक्रम मेले में ब्रज क्षेत्र की लोकसंस्कृति और उत्सवी माहौल की झलक पेश करेंगे। वहीं गजल गायन के कार्यक्रम संगीत प्रेमियों के लिए खास आकर्षण हो सकते हैं।
इसके अलावा कवि सम्मेलन, भजन संध्या, मैजिक शो और कॉमेडी शो भी आयोजित करने की तैयारी है। अलग-अलग तरह के कार्यक्रमों को शामिल करने का उद्देश्य विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के लिए मनोरंजन के अवसर उपलब्ध कराना है।
मेला कार्यक्रम की प्रमुख तारीखें
युवाओं के लिए वाटर स्पोर्ट्स की भी तैयारी
मेले को अधिक आकर्षक बनाने के लिए युवाओं के मनोरंजन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मेला क्षेत्र में वाटर स्पोर्ट्स गेम की व्यवस्था कराने की तैयारी है।
वाटर स्पोर्ट्स से जुड़ी गतिविधियों का स्वरूप और स्थान आयोजन की अंतिम रूपरेखा के अनुसार तय किया जाएगा। ऐसी गतिविधियों में सुरक्षा संबंधी आवश्यक इंतजामों को प्राथमिकता देना महत्वपूर्ण रहेगा।
“इस बार गंगा मेले को और ज्यादा भव्य बनाने की तैयारी है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों और युवाओं के लिए मनोरंजन की गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।”
— जिला पंचायत के एएमए के अनुसारमिनी कुंभ की तर्ज पर भव्य आयोजन की तैयारी
जिला पंचायत की योजना के अनुसार इस बार गढ़मुक्तेश्वर का कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक और मनोरंजन गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनेगा।
स्विस कॉटेज, वाटरप्रूफ टेंट, चेंजिंग रूम, शौचालय, पार्किंग, खोया-पाया केंद्र, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और आपातकालीन निकास जैसी व्यवस्थाओं के जरिए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
वहीं बृज की होली, गजल गायन, कवि सम्मेलन, भजन संध्या और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले के माहौल को अलग रंग देंगे। अब तैयारियों के पूरा होने और कार्यक्रमों की अंतिम सूची जारी होने के बाद आयोजन की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
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