2100 ड्रोन से आसमान में जीवंत होगी रामायण

2100 ड्रोन से आसमान में जीवंत होगी रामायण

अयोध्या राम मंदिर में एक लाख दीये, 2100 ड्रोन से दिखेगी रामायण | दीपोत्सव
जय श्रीराम | अयोध्या दीपोत्सव विशेष

अयोध्या दीपोत्सव 2026

दीपों की रोशनी, रामायण की गूंज और भक्ति का अद्भुत संगम

धर्म • अयोध्या • दीपोत्सव

अयोध्या राम मंदिर में एक लाख दीयों की रोशनी, 2100 ड्रोन से आसमान में जीवंत होगी रामायण

अयोध्या में इस बार दीपोत्सव का नजारा बेहद भव्य और अद्भुत होने वाला है। भगवान श्रीराम की नगरी एक बार फिर लाखों दीपों की रोशनी से जगमगाने की तैयारी में है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में करीब एक लाख दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। वहीं, आसमान में 2,100 ड्रोन के जरिए रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।

दीपोत्सव की बड़ी बातें:
करीब 1 लाख दीपों से जगमगाएगा राम मंदिर परिसर।
2,100 ड्रोन से आसमान में दिखाई जाएगी रामायण।
करीब 1,000 स्वयंसेवक तैयारियों में जुटेंगे।
पूरे परिसर को पांच जोन में बांटा गया है।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, दीपोत्सव की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मंदिर परिसर में दीप सजाने और उन्हें प्रज्वलित करने के लिए करीब 1,000 स्वयंसेवकों की टीम जुटेगी। अगले पांच दिनों के भीतर सजावट से जुड़ी तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्य राम मंदिर और रामदरबार में होगी विशेष दीप सजावट

इस बार श्रीराम जन्मभूमि परिसर में करीब एक लाख दीप जलाने की तैयारी की गई है। मुख्य राम मंदिर और रामदरबार को विशेष रूप से सजाया जाएगा। मंदिर के अलग-अलग हिस्सों में उनकी संरचना और धार्मिक महत्व के अनुसार अलग-अलग प्रकार के दीपों का इस्तेमाल किया जाएगा।

गर्भगृह में शुद्ध देसी घी के दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। वहीं, पत्थर से बने स्ट्रक्चर पर मोम के दीप सजाए जाएंगे। खुले स्थानों पर सरसों के तेल के दीये जलाए जाएंगे। इस तरह पूरे मंदिर परिसर में पारंपरिक दीपों की रोशनी से आध्यात्मिक वातावरण तैयार होगा।

2100 ड्रोन से आसमान में दिखाई जाएगी रामायण

दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण

2,100

ड्रोन के जरिए आसमान में साकार होंगे रामायण के प्रसंग

इस बार दीपोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 2,100 ड्रोन का एरियल शो होगा। आधुनिक तकनीक के जरिए आसमान में रामायण के कई महत्वपूर्ण प्रसंगों को आकर्षक आकृतियों के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।

ड्रोन शो में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान की वीर मुद्रा से लेकर रावण वध और पुष्पक विमान तक के दृश्य दिखाई देंगे। इसके अलावा रामदरबार, राम मंदिर, हनुमान जी, महर्षि वाल्मीकि और गोस्वामी तुलसीदास की आकृतियां भी आसमान में बनाई जाएंगी।

दीपोत्सव और उत्तर प्रदेश सरकार के लोगो को भी ड्रोन के माध्यम से प्रदर्शित करने की तैयारी है। इस आयोजन में रोशनी, संगीत और कहानी का ऐसा तालमेल देखने को मिलेगा, जो पारंपरिक धार्मिक उत्सव को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का उदाहरण बनेगा।

नई स्क्रिप्ट और संगीत से खास होगा ड्रोन शो

पर्यटन विभाग इस बार ड्रोन शो को पहले से अलग और अधिक प्रभावशाली बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए नई स्क्रिप्ट, स्टोरीबोर्ड, संगीत और वॉयस ओवर तैयार किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में कम से कम 15 विशेष ड्रोन फॉर्मेशन बनाए जाने की योजना है। इनमें आधे से अधिक आकृतियां पिछले वर्ष के मुकाबले बिल्कुल नई होंगी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इस बार भी दीपोत्सव को भव्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

परकोटे के मंदिरों से कुबेर टीले तक जगमगाएगा परिसर

इस बार दीपोत्सव की सजावट सिर्फ मुख्य राम मंदिर तक सीमित नहीं रहेगी। श्रीराम जन्मभूमि परिसर के अलग-अलग धार्मिक स्थलों को भी दीपों से सजाया जाएगा।

परकोटे में बने छह मंदिरों, सप्तमंडपम के सात मंदिरों, शेषावतार मंदिर और कुबेर टीले पर स्थित कुबेश्वर महादेव मंदिर में भी दीप प्रज्वलित किए जाएंगे।

संबंधित मंदिरों में विग्रह स्थापित होने और नियमित पूजा-पाठ शुरू होने के बाद पहली बार पूरे परिसर को एक साथ दीपों से सजाने की तैयारी है।

पांच जोन में बांटा गया राम जन्मभूमि परिसर

दीपों की सजावट को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए पूरे श्रीराम जन्मभूमि परिसर को पांच जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी अलग-अलग टीमों को दी गई है।

  • पहला जोन: श्रीरामलला मंदिर परिसर में 30 हजार से अधिक दीप।
  • दूसरा जोन: कुबेर टीला और सप्तमंडप क्षेत्र में 30 हजार से ज्यादा दीप।
  • तीसरा जोन: वापसी दर्शन मार्ग और यात्री सुविधा केंद्र पर 14 हजार से अधिक दीप।
  • चौथा जोन: यात्री सेवा केंद्र और अंगद टीला क्षेत्र में 13 हजार से ज्यादा दीप।
  • पांचवां जोन: श्रीराम जन्मभूमि पथ और दर्शन मार्ग पर करीब 13 हजार दीप।

श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनेगा अयोध्या का दीपोत्सव

अयोध्या का दीपोत्सव केवल रोशनी का उत्सव नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम की नगरी की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का प्रतीक भी है। इस बार एक लाख दीपों की रोशनी और 2,100 ड्रोन के जरिए दिखाई जाने वाली रामायण की झलक आयोजन को विशेष पहचान दे सकती है।

एक ओर मंदिर परिसर में पारंपरिक दीपों की जगमगाहट होगी, तो दूसरी ओर आसमान में आधुनिक तकनीक के जरिए त्रेतायुग की कथाएं जीवंत होती दिखाई देंगी। कुल मिलाकर अयोध्या में इस बार भक्ति, परंपरा, संस्कृति और तकनीक का अनूठा संगम देखने की तैयारी है।

नोट: आयोजन से जुड़ी तैयारियों और आंकड़ों की जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी विवरण पर आधारित है।

© 2026 | अयोध्या दीपोत्सव विशेष समाचार

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