हरिद्वार कांवड़ मेला 2026
श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं पर प्रशासन का विशेष फोकस
विश्व प्रसिद्ध हरिद्वार कांवड़ मेले की शुरुआत से पहले जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य तेज कर दिया है। लाखों शिवभक्तों के आगमन को देखते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित
जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, बैरिकेडिंग, घाटों की सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं, एम्बुलेंस, अग्निशमन, खाद्य सुरक्षा, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए ताकि मेले के दौरान किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो।
मुख्य निर्देश
- सभी होटल, रेस्टोरेंट एवं ढाबों में रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित होगी।
- कांवड़ मार्गों के गड्ढों को तुरंत भरने के निर्देश।
- सड़कों के किनारे उगी झाड़ियों की सफाई।
- सभी घाटों की मरम्मत और सुरक्षा चेन की स्थापना।
- स्वास्थ्य शिविर एवं एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था।
- स्वच्छ पेयजल और अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था।
- यातायात एवं पार्किंग प्रबंधन को मजबूत बनाने के निर्देश।
श्रद्धालुओं से अधिक कीमत वसूलने पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र के सभी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और भोजनालयों में खाद्य पदार्थों तथा अन्य सेवाओं की मूल्य सूची प्रमुख स्थान पर अनिवार्य रूप से चस्पा कराई जाए। यदि किसी भी प्रतिष्ठान द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूली जाती है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षित घाट और बेहतर सड़कें
सिंचाई विभाग और जिला पंचायत को निर्देश दिए गए कि कांवड़ पटरी मार्गों एवं प्रमुख सड़कों के सभी गड्ढों को तत्काल भरवाया जाए। साथ ही घाटों की मरम्मत, सुरक्षा चेन की स्थापना और अन्य सुरक्षा कार्य मेला प्रारंभ होने से पहले पूर्ण किए जाएं।
लगातार होगी निगरानी
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाएगा ताकि कांवड़ मेला सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
- मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र
- अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार
- जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी
- जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत
- सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार
- स्वजल नोडल अधिकारी चंद्रकांत मणि त्रिपाठी
- परियोजना अधिकारी उरेडा युद्धवीर सिंह बिष्ट
- अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं ब्लॉक-तहसील अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
हरिद्वार जिला प्रशासन इस वर्ष कांवड़ मेले को सुरक्षित, स्वच्छ, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारियां कर रहा है। सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं, खाद्य सुरक्षा, घाटों की मजबूती और पारदर्शी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यदि सभी विभाग निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण करते हैं, तो कांवड़ मेला 2026 बेहतर प्रबंधन और उत्कृष्ट प्रशासनिक व्यवस्था का एक नया उदाहरण बन सकता है।
