143 फीट ऊंची अर्धनारीश्वर प्रतिमा बनी आस्था का केंद्र | चंडासी गांव महायज्ञ

143 फीट ऊंची अर्धनारीश्वर प्रतिमा बनी आस्था का केंद्र

पटना के गौरीचक स्थित चंडासी गांव में 1008 कुंडीय महायज्ञ, भव्य कलश यात्रा और विशाल धार्मिक मेले में उमड़ रही है श्रद्धालुओं की भीड़।

मंदिर
📍 चंडासी गांव, गौरीचक, पटना 🕉 धार्मिक विशेष 📅 जून 2026

बिहार की पावन धरती एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक आस्था के केंद्र के रूप में पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है। पटना जिले के गौरीचक प्रखंड स्थित चंडासी गांव में स्थापित 143 फीट ऊंची अर्धनारीश्वर प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गई है। दूर-दराज के राज्यों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव और माता पार्वती के संयुक्त स्वरूप के दर्शन कर रहे हैं।

विशेष आकर्षण

11 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस धार्मिक परिसर में 1008 कुंडीय महायज्ञ, विशाल प्रतिमाएं, धार्मिक अनुष्ठान और भव्य मेला श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान कर रहा है।

महायज्ञ से भक्तिमय हुआ वातावरण

बुधवार को अग्नि स्थापना के साथ 1008 कुंडीय महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार, चंडी पाठ और रुद्र पाठ के बीच पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। श्रद्धालु यज्ञस्थल की परिक्रमा करते हुए भगवान से सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

आयोजन समिति के अनुसार 26 जून को अर्धनारीश्वर प्रतिमा की विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इस अवसर पर कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होगा।

कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

महायज्ञ के दौरान निकाली गई भव्य कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। हजारों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर लगभग छह किलोमीटर की दूरी तय की और पुनपुन नदी से पवित्र जल लाकर यज्ञ में अर्पित किया।

यात्रा के दौरान "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था देखते ही बन रही थी।

"अर्धनारीश्वर का स्वरूप केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि स्त्री और पुरुष ऊर्जा के संतुलन तथा सृष्टि के समरसता संदेश का प्रतीक माना जाता है।"

देशभर के शिल्पकारों की मेहनत का परिणाम

इस भव्य प्रतिमा और धार्मिक परिसर के निर्माण में बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और अन्य राज्यों के अनुभवी कारीगरों एवं शिल्पकारों ने अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वर्षों की मेहनत के बाद इस विशाल प्रतिमा को अंतिम रूप दिया गया।

📏 प्रतिमा की ऊंचाई

143 फीट ऊंची अर्धनारीश्वर प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र है।

🔥 महायज्ञ

1008 कुंडीय महायज्ञ में हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन भाग ले रहे हैं।

💰 लागत

पूरे धार्मिक परिसर का निर्माण लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है।

🕉 प्राण प्रतिष्ठा

26 जून को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी।

गणेश और कार्तिकेय की विशाल प्रतिमाएं

अर्धनारीश्वर प्रतिमा के साथ मंदिर परिसर में भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की विशाल प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। इन प्रतिमाओं के दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।

15 बीघे में सजा विशाल मेला

धार्मिक आयोजन के साथ-साथ लगभग 15 बीघे क्षेत्र में विशाल मेले का भी आयोजन किया गया है। यहां 50 से अधिक झूले, मीना बाजार, धार्मिक सामग्री की दुकानें और स्थानीय व्यंजन लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।

शाम के समय रंग-बिरंगी रोशनी से सजा परिसर किसी धार्मिक उत्सव से कम नहीं दिखाई देता। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी मेले का आनंद ले रहे हैं।

भीषण गर्मी के बावजूद अटूट आस्था

गर्मी और उमस के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। भक्त बड़ी श्रद्धा के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

आयोजकों ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, सुरक्षा और विश्राम की विशेष व्यवस्था की है ताकि सभी भक्त आराम से कार्यक्रम में भाग ले सकें।

बिहार में धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

विशेषज्ञों का मानना है कि चंडासी गांव में स्थापित यह विशाल अर्धनारीश्वर प्रतिमा आने वाले समय में बिहार के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकती है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

यह भव्य धार्मिक परिसर भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और कला का अद्भुत संगम है। आने वाले वर्षों में यह स्थल देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने की क्षमता रखता है।